भुगतान विवाद / माल्या 28 दिन में डिआजियो को 945 करोड़ रुपए चुकाए: यूके हाईकोर्ट

  • ब्रिटिश कंपनी डिआजियो ने माल्या, बेटे सिद्धार्थ और परिवार से संबंधित 2 कंपनियों पर दावा किया था
  • डिआजियो ने 2016 में माल्या की कंपनी में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी खरीदने का एग्रीमेंट किया था
  • ऋण वसूली प्राधिकरण में शेयर जब्त होने की वजह से डिआजियो एक्सेस नहीं कर पाई

लंदन. यूके हाईकोर्ट ने विजय माल्या को आदेश दिया है कि वह ब्रिटिश ब्रेवरेजेज कंपनी डिआजियो के 13.5 करोड़ डॉलर (945 करोड़ रुपए) चुकाए। कोर्ट ने शुक्रवार को यह फैसला दिया। माल्या को 28 दिन में भुगतान करना होगा। यह मामला डिआजिओ द्वारा माल्या की कंपनी के अधिग्रहण से जुड़ा है। माल्या के वकील ने कहा था कि एग्रीमेंट के वक्त डिआजियो ने मौखिक रूप से भरोसा दिया था कि वह भारत में विवाद सुलझने तक अपनी रकम चुकाने का दावा नहीं करेगा। कोर्ट ने यह दलील खारिज कर दी। फैसले के वक्त माल्या कोर्ट में मौजूद नहीं था।

280 करोड़ रुपए के भुगतान के मामले में अलग केस चलेगा

  • डिआजियो ने माल्या, बेटे सिद्धार्थ और परिवार से संबंधित दो कंपनियों पर भुगतान का दावा किया था। डिआजियो ने फरवरी 2016 में माल्या की कंपनी यूनाइटेड स्प्रिट्स लिमिटेड (यूएसएल) में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी खरीदने के लिए रकम चुकाई थी लेकिन वह शेयर एक्सेस नहीं कर पाई। माल्या की यूएसएल के कुछ शेयर ऋण वसूली प्राधिकरण (डीआरटी) ने कब्जे में ले लिए थे।
  • इसी मामले से जुड़े 4 करोड़ डॉलर (280 करोड़ रुपए) के दावे का केस भी चलेगा। डिआजियो ने माल्या को सीधे यह रकम दी थी। इस तरह उसने माल्या पर कुल 17.5 करोड़ डॉलर चुकाने का दावा किया था।
  • माल्या के प्रत्यर्पण मामले में 2 जुलाई को यूके हाईकोर्ट में सुनवाई होगी। एक बार अपील खारिज हो चुकी है। लंदन की वेस्टमिंस्टर अदालत ने पिछले साल माल्या के प्रत्यपर्ण की इजाजत दी थी। वहां के गृह सचिव ने भी मंजूरी दे दी जिसके खिलाफ माल्या ने हाईकोर्ट में अपील की थी।
  • माल्या पर भारतीय बैंकों के 9,000 करोड़ रुपए बकाया हैं। उसकी किंगफिशर एयरलाइंस ने बैंकों से लोन लिया था। माल्या 2016 में लंदन भाग गया। मुंबई की विशेष अदालत (पीएमएलए) उसे भगोड़ा घोषित कर चुकी है। प्रवर्तन निदेशालय देश-विदेश में उसकी संपत्तियां अटैच कर चुका है।

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बिजनेस | 1 year ago

वित्तीय नतीजे / फोर्टिस हेल्थकेयर को मार्च तिमाही में 151 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ

कहा- आईएचएच के 4000 करोड़ रु. के निवेश से स्थिति मजबूत हुईपूरे वित्त वर्ष में 224 करोड़ का घाटा हुआ, रेवेन्यू 4469 करोड़ रुपए रहा  

  • कहा- आईएचएच के 4000 करोड़ रु. के निवेश से स्थिति मजबूत हुई
  • पूरे वित्त वर्ष में 224 करोड़ का घाटा हुआ, रेवेन्यू 4469 करोड़ रुपए रहा  

नई दिल्ली. फोर्टिस हेल्थकेयर को जनवरी-मार्च तिमाही में 151.19 करोड़ रुपए का मुनाफा हुआ है। 2018 की मार्च तिमाही में 914.32 करोड़ रुपए का घाटा हुआ था। रेवेन्यू बढ़कर 1,184.15 करोड़ रुपए हो गया है। पिछले साल जनवरी-मार्च में 1,086.38 करोड़ रुपए था। कंपनी ने बीएसई फाइलिंग में वित्तीय नतीजों की जानकारी दी है। 

पूरे वित्त वर्ष (2018-19) में फोर्टिस को 223.71 करोड़ के घाटे में रहा। 20171-8 में 934.42 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ था। पूरे साल में रेवेन्यू 4,469.36 करोड़ रुपए रहा। 2017-18 में 4,560.81 करोड़ था। 

कंपनी रिकवरी के रास्ते पर: फोर्टिस

नतीजों पर फोर्टिस हेल्थकेयर के एमडी और सीईओ आशुतोष रघुवंशी ने कहा- हमारे ऑपरेशंस में लगातार सुधार हो रहा है। खराब दौर गुजर चुका है और हम रिकवरी के रास्ते पर हैं। इस साल कंपनी की प्राथमिकता तरलता की स्थिति को मजबूत करना और ग्रोथ के लिए निवेश में सक्षम बनाना है ताकि शेयरधारकों को रिटर्न मिल सके। फोर्टिस हेल्थकेयर का कहना है कि आईएचएच के 4,000 करोड़ रुपए के निवेश के बाद कंपनी की वित्तीय स्थिति मजबूत हुई है।

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बिजनेस | 1 year ago